लखनऊ 07 जून 2017, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि अखिलेश यादव बुआ मायावती के साथ राजनैतिक रिश्ते निभाते रहे और उनके भ्रष्टाचार के कारनामों पर परदा डालते रहे। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने अम्बेडकर स्मारक में हुई फिजूलखर्ची की आलोचना की थी और अखिलेश स्वयं बसपा सरकार को पत्थर वाली सरकार बताते रहे लेकिन स्मारकों के लिए पत्थर आपूर्ति में करोड़ो के घोटाले पर पूरे कार्यकाल में मौन साधे रहे।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि तत्कालीन लोकायुक्त ने अपनी जांच में 500 करोड़ का घोटाला होने की बात मानी थी लेकिन अखिलेश सरकार ने कोई कार्यवाही न कर भ्रष्टों के बचाने का काम किया। लखनऊ व मिर्जापुर में तराशे गए पत्थरों का भुगतान राजस्थान की दरों से किया गया। अखिलेश सरकार ने माया सरकार से प्रेरणा लेकर भ्रष्टाचार के बड़े कीर्तिमान स्थापित किए। जनेश्वर मिश्र पार्क, जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र, रिवर फ्रंट समेत तमाम योजनाओं में अखिलेश सरकार ने माया सरकार की तर्ज पर ना केवल फिजूलखर्ची की बल्कि भ्रष्टाचार के चैड़े रास्ते भी तलाशे।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा ने लोक कल्याण संकल्प पत्र में कहा है कि पूर्ववर्ती सरकारों के घपले-घोटालों की जांच वर्तमान सरकार करायेगी और योगी सरकार इस संकल्प पर आगे बढ़ रही है। घपले-घोटाले-भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी-ठेकेदार और संरक्षणदाता नेता कार्यवाही से सकते में है। भाजपा सरकार जनता की पाई-पाई का हिसाब लेगी और भ्रष्टाचारियों को सलाखों के पीछे भेजेगी।