लखनऊ 30 जुलाई 2017, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा0 अमित शाह ने कहा कि राजनैतिक दलों में यदि सिंद्धांत, आंतरिक लोकतंत्र न हो तो वह लोकतंत्र की सेवा नहीं कर सकती है। भारतीय जनता पार्टी सिद्धांतों के आधार पर बनी पार्टी, जो आंतरिक लोकतंत्र को अपनाने वाली चुनिंदा पार्टियों में से एक है।

राजधानी लखनऊ में तीन दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन रविवार को साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में प्रदेश के न्यायाधीशों, प्रोफेसरों, अध्यापकों, डॉक्‍टरों, इंजीनियरों, नौकरशाहों, चार्टर्ड एकाउंटेंटों, सेवा निवृत्तकंपनी सेक्रेटरियों आदि प्रबुद्ध जनों से संवाद करते हुए शाह ने कहा, देश को आजादी मिलने के बाद संविधान सभा में इस पर चर्चा हुई कि देश में किस प्रकार की संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली लागू की जाए। गहन मंथन के बाद संविधान सभा में बहुदलीय लोकतांत्रिक प्रणाली अपनाने का निर्णय लिया। बहुदलीय लोकतांत्रिक प्रणाली में राजनीतिक दलों में तीन प्रमुख तत्व आतंरिक लोकतंत्र, सिद्धांत और पार्टियों द्वारा सरकार चलाने का तरीका होता है। शाह ने कहा कि कांग्रेस, सपा, बसपा या अन्य दलों में पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा, यह परिवार के आधार पर तय होता है। कांग्रेस में सोनिया गांधी के बाद राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष होंगे। इसी तरह सपा, बसपा व अन्य दलों में भी नेतृत्व परिवार या जाति के आधार पर निश्चित होता है। इन दलों में आंतरिक लोकतंत्र है ही नहीं। यही वजह है कि इन दलों में वारिस तय करने का आधार परिवार या जाति होती है।

शाह ने कहा कि आंतरिक लोकतंत्र न होने के कारण ही इन दलों से वारिस चुनने में गलतियां होती हैं। सपा, बसपा और कांग्रेस इसका उदाहरण है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी ऐसी पार्टी है, जिसमें आंतरिक लोकतंत्र के आघार पर मुखिया तय होता है। भाजपा के आंतरिक लोकतंत्र के कारण ही गलियों में पार्टी का पोस्टर चिपकाने वाला व्यक्ति राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर पहुंचता है। यह भाजपा के आंतरिक लोकतंत्र का ही परिणाम है कि बेहद गरीब परिवार में पैदा हुए नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनकर राष्ट्रनिर्माण के यज्ञ में आहुति देने का अवसर मिलता है।

श्री शाह ने कहा कि जनता को भाजपा व अन्य राजनीतिक दलों की तुलना करनी चाहिए। आजादी के बाद नेहरू ने जिन नीतियों व कार्यक्रमों को तैयार किया, वह भारत के लिए उपयुक्त नहीं थीं। नेहरू सरकार की नीतियां पश्चिम के देशों के मॉडल पर थीं। नेहरू भारत की संस्कृति, परपंराओं, पुरातन ज्ञान-विज्ञान सहित सभी प्राचीन महान बातों को नकार कर नीतियां तैयार कर रहे थे, जो देश को भटकाव के मार्ग पर ले जाने वाला था। इसीलिए डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत के लिए उपयुक्त वैकल्पिक नीतियां बनाने के लिए जनसंघ की स्थापना की। यही जनसंघ जनता पार्टी से होते हुए आज के भाजपा के रूप में दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में सामने खड़ा है। नेहरू जहां भारत की संस्कृति, परंपराओं व ज्ञान-विज्ञान को नकार कर देश का नवनिर्माण करना चाहते थे, वहीं जनसंघ की स्थापना भारत की उस संस्कृति व ज्ञान-विज्ञान के आधार पर पुननिर्माण करने के उद्देश्य से हुई थी जिसके कारण भारत कभी सोने की चिड़िया और विश्व गुरू के पद पर आसीन था। जनसंघ का स्पष्ट मानना था कि उधार की नीतियों से देश का कल्याण नहीं होने वाला है। भाजपा की स्थापना राष्ट्रवाद के सिद्धांतों को आधार मानकर हुई है। शाह ने कहा कि जनसंघ ने कच्छ, गोवा, हैदराबाद की मुक्ति, गोहत्या और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन किए। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जनसंघ की स्थापना सिद्धांतों के लिए हुई थी।

श्री शाह ने कहा कि भाजपा राष्ट्रवाद और अंत्योदय के उद्देश्य को लेकर आगे बढ़ रही है। भाजपा का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े अंतिम व्यक्ति का कल्याण और उत्थान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व अन्य दलों की सरकारों का विकास का फार्मूला ऐसा था कि उनके शासन में देश के बड़े राज्य बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य कहे जाते थे। मध्यप्रदेश व राजस्थान में भाजपा की सरकार बनी और ये दोनों राज्य बीमारू की श्रेणी से बाहर आकर विकसित राज्यों में शुमार हुए। इसी तरह मध्यप्रदेश से निकला छत्तीसगढ़ भी भाजपा की सरकार में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। अब उत्तर प्रदेश की जनता ने भाजपा को सत्ता सौंपी है तो पांच साल में योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार इसे बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर लाकर विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा करा देगी।

श्री शाह ने कहा कि भाजपा की सरकार आने से पहले देश में घपले, घोटाले, परिवारवाद, सीएम बनने के लिए झगड़े ही पार्टियों की विशेषता थे, क्योंकि इन दलों में सिद्धांत के बजाय परिवार ही बचा है। हालत यह थी कि अटल बिहारी बाजपेयी जी की सरकार देश की विकास दर 8 प्रतिशत पहुंचा दी, पर उनके बाद सत्ता में आए कांग्रेस के डा मनमोहन सिंह ने इसे 4.4 पहुंचा कर बंटाधार कर दिया। अब पुनः नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली भाजपा नीत राजग सरकार आई है और मोदी जी ने महज तीन साल में देश का विकास दर 7 प्रतिशत से ऊपर पहुंचा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था हो गई है। इसके चलते पूरी दुनिया भारत में निवेश करने के लिए लालायित है। मोदी जी ने इतने कम समय में 106 योजनाएं शुरू की हैं। नोटबंदी करके कालाधन के खिलाफ लड़ाई शुरू की है। मोदी जी बेनामी संपत्ति कानून बनाकर भ्रष्टाचार की कमर तोड़ने का काम कर रहे हैं। उज्जवला योजना चालू कर पांच करोड़ गरीब परिवारों को रसोई गैस सिलेंडर दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के सत्तर साल तक देश की 70 प्रतिशत आबादी को अर्थव्यवस्था का अंग बनने से वंचित किया गया था। मोदी जी ने 29 करोड़ लोगों के बैंक खाते खोलकर उन्हें अर्थव्यस्था में शामिल किया।

श्री शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने गांवों में बिजली पहुंचाने का जो कार्य शुरू किया है, उसका परिणाम है कि मई 2018 तक देश का एक भी गांव विद्युत विहीन नहीं होगा। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक कर दुनिया को संदेश दे दिया कि भारत अपनी सुरक्षा व सम्मान से समझौता अब नहीं करेगा। श्री शाह ने कहा कि भाजपा और अन्य दलों में फर्क जानें और ठोक बजाकर भाजपा को पसंद करें।

प्रदेश अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा देश के 18 राज्यों में पहुंच गयी है। 18 करोड़ से ज्यादा उसके सदस्य है। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह के नेतृत्त में 2014 के लोक सभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक विजय प्राप्त की है। वे हमारे प्रेरणा स्रोत है। मुख्यमंत्री योगी जी के अगुवाई में 2019 के चुनाव में उ0प्र0 की जनता 42 प्रतिशत वोट को बढ़ाकर 60 प्रतिशत करेंगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा विचार धारा संगठन और सुशासन की पार्टी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह जी आधुनिक चाणक्य के रूप में संगठन की रणनीति बनाकर विजय पथ पर अग्रसर कर रहे है। श्री अमित शाह जी का मार्गदर्शन प्रदेश की सरकार चलाने में प्ररेणा स्रोत का कार्य करता है। पिछली सरकारों में प्रदेश में जंगल राज कायम था। भाजपा सरकार बनने के बाद उसे दुरूस्त करना बड़ी चुनौती थी जिसे राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन से ठीक करने में कामयाबी मिल रही है।