अपराधियों का पोषण व जनता का शोषण करते वक्त श्री अखिलेश जी में क्यों नहीं था बदनामी का डर – डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय

– जिसके खानदान ने सांसद, विधायक सहित 50 से अधिक पदों पर अकेले कब्जा कर रखा हो, उसका जनता की बात करना बेमानी।
– अपने अपराध की सजा मिलने के भय से परेशान हैं भर्ती से लेकर ठेका तक भाईभतीजा वाद व भ्रष्टाचार के आरोपी ।
– किसानों को छलने वाले लोगों को भाजपा का किसानों के हित में की गई कर्जमाफी, बीमा योजना और आय दोगुनी करने के कार्यक्रमों से हो रही परेशानी।

लखनऊ 31 मार्च 2018, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि जब अखिलेश यादव जी ने अपने शासन काल में आजम खां साहब द्वारा दलितों की जमीनों को जबरन अवैध ढ़ग से जौहर विश्वविद्यालय के नाम पर कब्जा किया तथा तंत्र को लूटखसोट का अड्डा, सरकारी संस्थाओं को भ्रष्टाचार का केंद्र और योजनाओं को भ्रष्टाचार का साधन बना दिया था, तब उन्हें अपनी बदनामी का डर क्यों नहीं सता रहा था? अखिलेश के शासन में सपा के गुंडे जनता का शोषण व प्रताडना कर रहे थे। सरकार ने अपराधियों को संरक्षण देकर लोगों का जीना दूभर किया हुआ था, तब उन्हें जनता की पीड़ा महसूस क्यों नहीं हुई? आज जब केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार आम जनता, दलित, गरीब, पिछड़े, महिला, नौजवान का जीवन सुरक्षित व समृद्ध बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढने के साथ ही भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों पर वार कर रही है तो अखिलेश यादव को यह प्रताडना लग रही है। अखिलेश जी की सरकार जब आम जनजीवन नर्क बना रही थी तब उन्हें जनता की पीड़ा का अहसास क्यों नहीं हुआ?

डॉ. पांडेय ने कहा कि एक ही परिवार में सांसद, विधायक, ब्लाक प्रमुख सहित 50 से अधिक पदों पर कब्जा जमा कर रखने वाले परिवारवाद पर सफाई देते हैं तो हास्यास्पद लगता है। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा किसानों के कल्याण के लिए शुरू की गई बीमा योजना को लागू न करने वाले अखिलेश किस मुंह से किसानों की बात करते हैं? किसानों के उत्थान के लिए भाजपा सरकार की गंभीरता का अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि सरकार बनने के बाद पहला कैबिनेट निर्णय किसानों की कर्जमाफी का था। योगी सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू कराकर किसानों को उनकी फसल पर आर्थिक सुरक्षा दी है और किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में अनेक योजनाओं को एक साथ चला रही है।

उन्होंने कहा कि सपा व बसपा के 15 सालों के राज में प्रदेश की जनता बिजली, पानी व सडक को तरस गई थी। अखिलेश यादव ने झूठ का किला तैयार कर जनता को गुमराह करने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन जनता उनके झांसे में नहीं आई। योगी सरकार आने के बाद प्रदेश के ढांचागत विकास को न केवल शुरू किया गया, बल्कि तेजी लाई गई। योगी सरकार आगरा एक्सप्रेस हाईवे, गाजियाबाद का एलीवेटेड रोड, दिल्ली से मेरठ तक एक्सप्रेस हाईवे जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम करके पूरा करके जनता को सौंपने की तैयारी में है। परियोजनाओं के जमीन पर उतरने और जनता को इसका लाभ मिलने से श्री अखिलेश यादव परेशान हैं कि इससे उनकी सरकार के निकम्मेपन व भ्रष्टाचार और दिखेगा। जनता अखिलेश के इन कार्यों में हुए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच चाहती है, इसलिए योगी सरकार न केवल जांच कराएगी, बल्कि भ्रष्टाचार के दोषियों को सजा दिलवाएगी।

उन्होंने कहा कि आजम खान ने जिस तरह से जलनिगम और अन्य सरकारी संस्थानों को भ्रष्टाचार के आगे गिरवी रखकर भर्तियों व योजनाओं में गैर कानूनी काम किए थे, वह प्रदेश के प्रतिभासम्पन्न नौजवानों व जनता के साथ धोखाधड़ी थी। अखिलेश शासन के भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार के कारण प्रदेश में लाखों नौजवानों रोजगार से वंचित रहे। आजम सहित अखिलेश सरकार में मंत्री रहे अनेक लोगों के हाथ भ्रष्टाचार व सांप्रदायिक भेदभाव जैसे अपराधों से रंगे हुए हैं। भर्ती से लेकर ठेका तक अखिलेश शासन में जमकर भ्रष्टाचार व लूटखसोट हुई। न्यायालय ने भी आजम खान व अन्य सपा नेताओं की कारस्तानियों पर प्रतिकूल टिप्पणियां की हैं। प्रदेश के युवाओं को न्याय दिलाने के लिए अखिलेश के करीबी गायत्री प्रजापति, आजम खान जैसे नेताओं के भ्रष्टाचार की जांच पूरी ईमानदारी से की जा रही है। यदि अखिलेश, आजम खान, गायत्री प्रजापति व उनके मंत्रिमंडल के अन्य दागी लोगों की भ्रष्टाचार व सरकारी धन की लूटखसोट में भूमिका नहीं थी तो वो जांच से डर क्यों रहे हैं? जांच से भयभीत होने का अर्थ है कि श्री अखिलेश जी, आजम व उनके करीबियों को अपने अपराध का भान है और ये लोग सजा मिलने के डर से जांच को प्रभावित करना चाहते हैं। इसीलिए श्री अखिलेश जी अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। पर जनता अब इन जैसे नेताओं को समझ चुकी है और कानूनी सजा मिलने के साथ ही जनता की और बड़ी सजा इन सबको मिलेगी।