अवसरवादी लोगों के मुँह से गरीबों की चिंता हास्यास्पद लगती है – डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय

लखनऊ 01 अगस्त 2018, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने बसपा सुप्रीमो सुश्री मायावती द्वारा भाजपा सरकारों को घेरने के कोशिशों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बंद कमरों में बैठकर महज अपने परिवार की चिंता तक में ही व्यस्त रह अवसरवादी गठबंधनों का ताना-बाना बुनने वाले लोगों के मुँह से गरीबों की चिंता हास्यास्पद लगती है। मोदी-योगी सरकार आजादी के कई दशकों के बाद भी सुविधाओं से वंचित पिछड़ों, वंचितों, दलितों और गरीबों को मुख्य धारा में ला रही है। उज्जवला योजना के अंतर्गत करोड़ों माताओं-बहनों को धुंऐ से मुक्ति दिलाकर उनके आत्मसम्मान व अच्छे स्वास्थ्य का मार्ग प्रशस्त किया गया है। लेकिन गरीबों- दलितों के नाम पर राजनीति का दिखावा कर सदैव दौलत की चिंता में ही ही व्यस्त रहने वाली बसपा प्रमुख को यह सब नहीं दिखता हैं।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार सबका साथ-सबका विकास की नीत पर काम करते हुए जनकल्याण के काम कर रही है। भाजपा ने ही पहल कर देश के सर्वोच्च स्थान पर दलित वर्ग के व्यक्ति को सम्मानपूर्वक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा आज जो दलितों-वंचितों की चिंता का घड़ियाली नाटक कर भाजपा सरकारों पर सवाल खड़े कर रहे है, आज भी उनके घर के दहलीज के आगे जूता-चप्पल पहनकर प्रवेश करने पर मनाही है। तिलक-तराजू और तलवार…जैसे नारों के सहारे अपनी सियासत को बढ़ाने की कोशिश करने वाले लोग भाजपा सरकारों को नसीहते न दें।

डॉ० पाण्डेय ने असम के राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के मुद्दे पर बसपा सुप्रीमों के बयान की निंदा करते हुए कहा कि देश के सवा सौ करोड़ गरीब, मजदूर, किसान और नौजवानों को बंग्लादेशी घुसपैठियों के साथ जोड़ने का प्रयास कर रही सुश्री मायावती को पहले असम के लोगों की मानवधिकार की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि असम में एनआरसी से केवल संदिग्ध बंग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाये गये है, यह फिर वैसे नाम जो प्राथमिक तौर पर अपने भारतीय होने का सबूत नहीं दे पाये। फिर भी जिनके नाम रजिस्टर में छूट गये है, वे फिर से अपना आवेदन कर सकते है और अपने आपको सत्यापित कर सकते है। उन्‍होंने कहा कि देश की सुरक्षा, देश की सीमाओं की सुरक्षा और अपने नागरिकों का हित हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।