आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की हत्या करने वालों से आपातकाल से प्रभावित लोग स्वार्थ में डाल रहे गलबहियां – डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय

भाजपा ने किया लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान

लखनऊ 26 जून 2018, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय एवं केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने विश्वैश्वरैया प्रेक्षागृह में लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करते हुए आपातकाल की विभीषिका का वर्णन किया। प्रदेश अध्यक्ष डॉ० पाण्डेय का लोकतंत्र सेनानी के रूप में अभिनंद किया गया।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने आपातकाल के 43वें वर्ष पर आयोजित आपातकाल के दौरान जेलों में निरूद्ध किये गये लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करते हुए कहा कि मैं भी उस दौर का एक छोटा सा हिस्सा रहा हूँ यह मेरे लिए आत्मसंतोष व प्रसन्नता का विषय है कि मैं खुद भी लोकतंत्र सेनानी हूँ । उन्होंने कहा लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान के अवसर पर यह चिन्ता का विषय है कि राजनीतिक स्वार्थो और सत्ता लोलुपता के चलते देश में आपातकाल को संवैधानिक प्रावधानों को वास्तविक आपात स्थिति के बिना लागू किया गया। उन्होनें कहा कि आजादी के प्रस्फुटन से लेकर हम स्वयं की स्वविचारित विचाराधारा के लोग है, जिस विचारधारा में मिश्रण नहीं है। देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की हत्या की गई थी और आज लोकतंत्र की हत्या के निर्णय से प्रभावित लोग लोकतंत्र की हत्या करने वालों के साथ गलबहियां कर रहे है, यह उनका वैचारिक क्षरण है, उन्हें खुद ख्याल नहीं है कि वह कहां खड़े है। लोकतंत्र की हत्या करने वालों के साथ आज गलबहियां डालकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है।

डॉ० पाण्डेय ने कहा कि लोककल्याण के वास्तविक मुद्दों की राजनीतिक को मोदी युग में अवसर दिया गया है। प्रमुखता से उसे हमारी सरकार आगे बढ़ाने का काम कर रही है। इस देश के दिल में आन्तरिक लोकतंत्र तथा क्रमिक विकास है। इन्दिरा जी ने इंटेलीजेन्स की सूचना पर आपातकाल खत्मकर चुनाव करवाया, नेता जेलों में थे लेकिन फिर भी उत्तर प्रदेश की 85 में से 85 सीटों पर कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया और जो रेडियों इन्दिरा जी का गुणगान करता था, उसने चुनावी नतीजों पर गाना बजाया सवेरे वाली गाड़ी से चलें जाएगें। उस समय लोक संघर्ष समिति के माध्यम से सत्याग्रह हुआ, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अगर न होता तो लोक संघर्ष समिति का सत्याग्रह भी न हो पाता। डॉ० पाण्डेय ने आपातकाल से जुड़ा अपना संस्मरण सुनाते हुए कहा कि 19 वर्ष की उम्र में वनारस विश्वविद्यालय में इकट्ठा होकर हम सब लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए अपना मूवमेंट चला रहे थे, जिसमें मेरी गिरफ्तारी हुई। हमको लोक तंत्र पर विश्वास रखना चाहिए भारत देश के अन्दर हमारी विचारधारा और हमारे नेता लोकतंत्र को मजबूत कर रहे है और लोकतंत्र में शासन की सरकारी व्यवस्थाओं का लाभ गांव, गरीब और वंचित लोंगो तक पहुंचाने की यथार्थ कोशिश कर रहे है।

लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारेाह में प्रमुख रूप से वरिष्ठ नेता लाल जी टण्डन, प्रदेश भाजपा मुख्यालय प्रभारी भारत दीक्षित, प्रदेश सरकार के मंत्री आशुतोष टण्डन, ब्रजेश पाठक, स्वाती सिंह, बलदेव सिंह ओलख, सांसद अशोक बाजपेयी, विधायक सुरेश श्रीवास्तव, एमएलसी सरोजनी अग्रवाल, नीरज सिंह, महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किये।