उत्तर प्रदेश में भाजपा के पक्ष में होंगे 2019 के सौ फीसदी परिणाम – डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय

लखनऊ 17 मार्च 2018, भारतीय जनता पार्टी ने उपचुनाव परिणामों से अति उत्साहित विपक्ष को आइना दिखाया है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि गोरखपुर और फूलपुर उपचुनावों के परिणाम हमारे लिए अप्रत्याशित है, हम मंथन, समीक्षा के बाद नई रणनीति पर हम काम करने को तैयार है। कम मतदान और कार्यकर्ताओं के जीत के प्रति अति आत्मविश्वास में उदासीनता ही अप्रत्याशित परिणामों का कारण रही जिससे हमारा वोटर मतदान के लिए नहीं निकला। डॉ० पाण्डेय ने कहा विपक्ष को दो सांसें लेने की मोहलत मिली है। अखिलेश जी, दो सांसों को सहेज को रखिए क्यों कि 2019 में इन्हें फिर उखड़ना है। डॉ० पाण्डेय ने कहा कि सपा चुनाव लड़ी और बसपा ने राज्यसभा में अपना प्रत्याशी जिताने के लिए समर्थन दे दिया, लेकिन समक्ष से परे है कि अपने प्रत्याशियों की जमानत जब्त होने के बाद भी कांग्रेसी बल्लियों क्यों उछल रहे है। भाजपा बूथवार 65+ के फार्मूले पर चुनाव मैदान में उतरेगी।

डॉ० पाण्डेय ने कहा कि बहिन मायावती ने जनता के बार-बार हर बार नकारे जाने पर दरक चुकी जमीन को सहजने के लिए गेस्ट हाउस कांड भुलाकर सपा का समर्थन कर दिया। भाजपा का पूर्व से ही मत रहा है कि सपा-बसपा आपस में मिले हुए है, बुआ-भतीजे की राजनीतिक मजबूरियों ने इसे जगजाहिर भी कर दिया। सपाई गुण्डों से आहत दलितों का सौदा कर एक बार फिर बहिन जी ने सपा से ही समझौता कर लिया है। यह बेमेल गठबंधन सिर्फ अवसरवादिता है। कम मतदान प्रतिशत से बुआ-बबुआ के पक्ष में आएं नतीजे तत्कालिक खुशी ही दे सकेंगे, 2014 की भांति बसपा की तरह ही दूरगामी नतीजे सपा व कांग्रेस के लिए भी शिफर ही होगें।

डॉ० पाण्डेय ने कहा कि मोदी सरकार और योगी सरकार के अनवरत जनकल्याण के कार्यो से 2019 में उत्तर प्रदेश शतप्रतिशत भाजपा मय होगा। किसान कर्जमाफी, रोजगार के नवसृजित अवसर, भ्रष्टाचार पर विराम, अपराध पर लगाम ने उत्तर प्रदेश की आवो-हवा से सपाई-बसपाई घुटन को खत्म कर दिया है। सैफई के युवराज, कांग्रेस शहजादे और दौलत की बेटी सहित पूरा विपक्ष अतिउत्साह और आत्ममुग्धता में है। दो लोकसभा चुनावों के परिणामों ने 20 से ज्यादा दलों के नेताओं ने स्वयं को स्वयंभू राष्ट्रीय नेता मान लिया है। भाजपा बूथवार 65+ के फार्मूले पर चुनाव मैदान में उतरेगी जिससे हर बूथ पर 65 फीसदी से अधिक वोट भाजपा के पक्ष में होंगे। भाजपा की यह रणनीति सभी गठबंधनों की गांठे खोल देगी।