गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण, किसानों को सौगात – डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय

लखनऊ 01 जनवरी 2019, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में किसानों और जवानों के लिए किये गए निर्णय ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्राम पंचायत स्तर पर गोवंश आश्रय स्थल बनाये जाने से जहां निराश्रित गौवंश का संरक्षण हो सकेगा वहीं किसानों को भी इससे काफी लाभ होगा। डॉ० पाण्डेय ने कहा कि नव वर्ष 2019 के पहले दिन ही मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में कैबिनेट में गोवंश आश्रय स्थल के निर्माण का फैसला करके प्रदेश के किसानों और ग्रामीण क्षेत्र की जनता को सौगात दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में भाजपा सरकार द्वारा गोवंश आश्रय स्थल खोलने का निर्णय गोंवश के संवर्धन और किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने की विश्व की सबसे बड़ी परियोजना साबित होगी।

डॉ० पाण्डेय ने कहा कि निराश्रित पशुओं के द्वारा किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाने की समस्या से निजात मिल सकेगी। वहीं आश्रय स्थलों में रह रहे गोवंश से उत्पादित दूध, गोबर व कम्पोस्ट की बिक्री से आश्रय स्थल भी आत्मनिर्भर हो सकेगें। विभिन्न विभागों के समन्वय के माध्यम से जिस तरह से निराश्रित पशुओं व गोवंश के रखरखाव तथा किसानों के फसल संरक्षण की योजना बनाई गई है यह सरकार की किसानों व ग्रामीण क्षेत्र की जनता के प्रति संवेदनशीलता का परिचायक है। भाजपा सरकार गोकशी रोकने के साथ-साथ गोवंश के संरक्षण के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने किसानों खासकर ग्रामीण क्षेत्र की जनता से अपील की कि वे गोवंश के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए निर्णय पर भरोसा रखते हुए अपना सहयोग दे।

डॉ० पाण्डेय ने कहा कि निराश्रित गोंवंश के संरक्षण के लिए पहले से ही भाजपा सरकार 68 जिलों में गोसंरक्षण केन्द्रो का निर्माण करा रही है। वहीं सभी नगर निगमों को निराश्रित पशुओं के लिए आश्रय स्थल बनाने के लिए भी दस-दस करोड़ रूपये जारी किये जा चुके है।

उन्होंने कहा कि सपा-बसपा की सरकारों में पुलिस को राजनीतिक दुरूपयोग का अस्त्र बना दिया गया था। लेकिन पुलिस बल को सशक्त बनाने व उसके हितों की चिंता कभी नहीं की गई। यह पहली बार है कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने कर्तव्य पालन के दौरान दुर्घटना में अपंग होने वाले पुलिस व फायर विभाग के कर्मियों को भी 20 लाख रूपये अनुग्रह राशि देने का फैसला किया है, जो कि एक सराहनीय पहल है।