नोटबंदी का विरोध मुद्दाविहीन राजनीति का गूंगा शोर – डॉ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय

लखनऊ 25 अक्टूबर 2017, भारतीय जनता पार्टी ने नोटबंदी के विरोध को मुद्दाबिहीन राजनीति का गूंगा शोर करार दिया। प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि कालेधन पर लगी लगाम ही नोटबंदी के विरोध के पीछे की छटपटाहट है। नोटबंदी स्वतंत्र भारत में आर्थिक सुधार के लिए उठा सशक्त कदम है। भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने के मार्ग में नोटबंदी और जीएसटी मील का पत्थर साबित होंगे।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कांग्रेस सहित तमाम विपक्ष द्वारा 08 नवम्बर को नोटबंदी के विरोध में किए जाने वाली कसरत पर कहा कि विपक्ष मुद्दाबिहीन एवं नेतृत्व विहीन है। विपक्ष के तमाम चेहरे सत्ता से दूरी पर छटपटा रहे है। भ्रष्टाचार को शिष्टाचार बनाकर काम करने वाले राहुल गांधी सहित सारे विपक्ष द्वारा नोटबंदी का विरोध स्वाभाविक है क्यों कि भ्रष्टाचार के साथ भ्रष्टाचार की सम्भावनाएं भी समाप्त हुई है।

डॉ0 पाण्डेय ने कहा कि लाखों करोड़ का कालाधन प्रचलन से बाहर होकर तिजोरियों में भरा पड़ा था। जिसने देश की आर्थिक चाल को सुस्त कर दिया था। नोटबंदी के बाद पैसा बैंकों तक पहुंचा और सारा धन सरकार की नजर में आया। नोटबंदी का ही परिणाम है कि नोटबंदी के बाद 91 लाख नए आयकरदाताओं की संख्या बढ़ी। कई रास्तों से बैंको तक पहुंचा धन जांच की प्रक्रिया में है, जांच में दोषी पाए जा रहे लोग कानूनी प्रक्रिया में पहुंच गये है। 8 नवम्बर को देश के इतिहास में आर्थिक सुधार एवं कालाधन पर प्रहार के रूप में जाना जाएगा। भाजपा 08 नवम्बर को कालाधन विरोध दिवस के रूप में मनाएगी। 2जी, 3जी, जीजाजी, कॉमनवेल्‍थ गेम्स, कोयला, आदर्श सोयायटी सहित भ्रष्टाचार में नित नूतन आयाम गढ़ने वाली कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष को उ0प्र0 के जनादेश से सबक लेना चाहिए। प्रदेश के नतीजों ने नोटबंदी के समर्थन में मुहर लगा कर विपक्ष की राजनीति को हाशिए पर रख दिया है।