बसपा सुप्रीमों के टिकिट बेचने की तजुर्बेकारी से प्रदेश वाकिफ – डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय
-मुलायम सिंह की मेहनत से बनी सपा को अखिलेश करेंगे कुर्बान

लखनऊ 28 मार्च 2018, भारतीय जनता पार्टी ने सपा मुखिया के कुर्बानी वाले बयान पर कहा कि उत्तर प्रदेश को लूटने वाले जनता के कटघरें में फिर सजा पाएगें। प्रदेश अध्यक्ष डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि अखिलेश यादव गठबंधन के लिए कुर्बानी देने की बात कर रहे है। लोकसभा में बसपा की सदस्यता शून्य है, अखिलेश जी यदि सपा को भी अत्यंत सीमित करना चाहते हो तो उनकी मर्जी। डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि जनता द्वारा सत्ता से बेदखल लोगों को महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट ने बेनकाब कर दिया है। सपा-बसपा की पूर्ववर्ती सरकारों के द्वारा पीटे गए विकास का ढोल फटा तो भ्रष्टाचार उजागर हो गया। सत्ता संरक्षित अपराध, गुण्डाराज, माफियाराज, भ्रष्टाचार के विरूद्ध युद्ध छेडते हुए जनता ने सपा-बसपा को सजा दी है जिसे अखिलेश जी कुर्बानी कह सकते है। डाॅ. पाण्डेय ने सपा-बसपा से सवाल किया कि वह प्रदेश को बताएं कि क्या सपा-बसपा गठबंधन के नेता का चयन वंशवादी राजनीति से बाहर निकल पाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि मायावती जी ने अखिलेश यादव को गैरतजुर्बेकार कहा और पूरी शिद्दत से अखिलेश ने स्वीकार भी किया, साथ ही मायावती जी को तजुर्बेकार भी मान लिया है। भाजपा का शुरू से मत है कि वंशवादी परम्परा के आधार पर मुलायम सिंह जी ने अपने अपरिपक्व पुत्र को प्रदेश पर थोप दिया था। प्रदेश ने 5 साल झेलकर अपना फरमान सुना भी दिया। मायावती जी के पास निःसंदेह भ्रष्टाचार और टिकिट बेचने के बेहतरीन तजुर्बे है और रही राजनीतिक तजुर्बेकारी की बात तो 2012, 2014 व 2017 के तजुर्बे बेहतरीन है।

डॉ० पाण्डेय ने कहा कि सपा-बसपा के बोरिया बिस्तर बंधने से उत्तर प्रदेश अपराध, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, नौकरियों में युवाओं को धोखा और तुष्टीकरण के जंजाल से मुक्त हुआ है। जनता के जनादेश ने हार की हताशा में कुर्बानी की मजबूरी पर भी गठबंधन के लिए मजबूर कर दिया है। अखिलेश जी गठबंधन का आधार यदि कुर्बानी मानकर ही चल हे है तो मुलायम सिंह जी के परिश्रम से बनाई गई सपा को उनके शहजादे ही कुर्बान करने वाले है।

डॉ० पाण्डेय ने कहा कि जातिवादी राजनीति के कलुषित वैमनस्य से राजनीतिक दुकाने चलाने वालों को जनता ने चलता कर दिया है। सपा-बसपा अपने मूल के अनुरूप फिर जातिवादी और तुष्टिकरण का विष लेकर उत्तर प्रदेश को विषाक्त करना चाहते है। उत्तर प्रदेश की जनता 2014 और 2017 दोहराने को तैयार है। भ्रष्टाचार, वंशवाद और अवसरवाद को जनता प्रदेश में पनपने नहीं देगी।