भाजपा की राजनीति भ्रष्टाचार और गरीबी का विरोध तो दूसरी ओर युवराजों की राजनीति भाजपा विरोध – डॉ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय

लखनऊ 24 अक्टूबर 2017, भारतीय जनता पार्टी ने सपा-कांग्रेस की नई जुगलबंदी पर तंज कसते हुए कहा कि दो युवराज दोस्ती के तराने गाते हुए पहले उ0प्र0 में निकले थे और अब गुजरात में निकलेंगे। प्रदेश अध्यक्ष डॉ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि सपा मुखिया की गुजरात चुनाव में कांग्रेस की मदद की घोषणा ठीक वैसे ही है जैसे यूपी में राहुल ने अखिलेश की मदद की थी।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि अखिलेश यादव भाजपा विरोध में अपने दोस्त की मदद करने गुजरात जा रहे है। यूपी में अखिलेश यादव ने अपने दोस्त को 25 फीसदी से ज्यादा सीटे समझौते में दी थी लेकिन राहुल बाबा ने सपा को सिर्फ 5 सीटें ही दी है शायद राहुल की नजर में अखिलेश कमतर है। ‘‘याराना यार का न कभी टूटेगा’’ का तरांना गाते हुए दो शहजादे फिर एक साथ निकलने का आतुर है। गुजरात चुनाव के नतीजों के बाद राहुल बाबा पूर्व की भांति छुटियां मनाने जायेंगे और सपा के शहजादें फिर परिवारिक ड्रामें में रूठने-मनाने की पटकथा पर काम करने में जुट जाएंगे। वंशवाद की राजनीति से जनता पर थोपे गए नेतृत्व की परिणिति वहीं होनी थी, जो उ0प्र0 की जनता ने दोनो शहजादों की है।

डॉ0 पाण्डेय ने कहा कि मोदी जी और योगी जी भ्रष्टाचार के विनाश में लगे है। 16 मई 2014 से पहले अखबारों में सुर्खियां सिर्फ भ्रष्टाचार पर केन्द्रित थी। लेकिन ‘‘न खाउँगा न खाने दूंगा’’ के संकल्प के साथ मोदी सरकार के दामन पर एक भी दाग नहीं है और योगी सरकार का चाबुक अपराध के सफाए के लिए चल रहा है। भाजपा भ्रष्टाचार, कुशासन, गरीबी, अस्वच्छता, अशिक्षा, महिला उत्पीडन, कुपोषण जैसी समस्याओं का नष्ट करने के लिए राजनीति कर रही है और कांग्रेस, सपा, बसपा सहित तमाम विपक्षी दल भाजपा के विरोध के लिए राजनीति कर रहे है। उ0प्र0 के जनादेश की तरह ही गुजरात का जनादेश भी शहजादों सहित समूचे विपक्ष को उनकी नीतियों की पुर्नसमीक्षा के लिए प्रेरित करेगा।