भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह जी की प्रेस वार्ता के मुख्य बिंदु

मैं भारतीय जनता पार्टी की ओर से सबसे पहले कर्नाटक की जनता और पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ कि एक कठिन चुनावी समर में उन्होंने हमें विजयी बनाया और भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी।

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जिस प्रकार से समग्र देश की जनता ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की विकास यात्रा और सुशासन के प्रति जनादेश देते हुए भारतीय जनता पार्टी को अपना प्यार और समर्थन दिया है, उसी तरह से कर्नाटक की जनता ने भी भाजपा को अपना आशीर्वाद दिया है।

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कर्नाटक की जनता ने विधानसभा चुनाव में यदि किसी एक पार्टी को जनादेश दिया है तो वह भारतीय जनता पार्टी को दिया है। हम 40 से 104 सीटों पर पहुंचे हैं और हमारे वोट प्रतिशत में भी बहुत बड़ी वृद्धि हुई है।

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सिद्धारमैया सरकार के आधे से अधिक मंत्री हार गए, मुख्यमंत्री खुद चुनाव हार गए, दूसरी सीट से वे बहुत ही कम मार्जिन से जीत पाए। कर्नाटक का जनादेश एंटीकांग्रेस मैंडेट है, इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए।

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कांग्रेस ने हार को भी जीत के रूप में दिखाने का एक नया हास्यास्पद तरीका निकाला है जो किसी आंकड़े से मेल नहीं खाता।

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कर्नाटक में कांग्रेसजेडी (एस) सरकार बनने से राज्य की जनता जश्न नहीं मना रही है, जश्न केवल कांग्रेस और जेडी (एस) मना रही है।

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आखिर कांग्रेस किस बात का जश्न मना रही हैवह 22 से 78 सीटों पर सिमट कर रह जाने का जश्न मना रही है, मुख्यमंत्री की हार का जश्न मना रही है, आधे से ज्यादा मंत्रियों की हार का जश्न मना रही है यापीपीपीअर्थात पंजाब, पुदुच्चेरी और परिवार तक सिमट रह जाने का जश्न मना रही है?

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जेडी (एस) को भी स्पष्ट करना चाहिए कि वह महज 37 सीटें जीतने का जश्न मना रही है या 80% सीटों पर अपनी जमानत जब्त हो जाने का जश्न मना रही है?  

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जब सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक में सरकार बनाने को लेकर केस चल रहा था तो कांग्रेस पार्टी ने अनैतिक तरीके से फर्जी ऑडियो टेप्स को मीडिया में रिलीज कर भारतीय जनता पार्टी को बदनाम करने और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को प्रभावित करने की कोशिश की।

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आज कांग्रेस के नेताओं ने ही यह स्वीकार किया है कि भाजपा के खिलाफ कांग्रेस द्वारा जारी किये गये ऑडियो टेप्स फर्जी थे, जनता के सामने सच चुका है कि कांग्रेस किस स्तर तक गिर सकती है ।   

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कर्नाटक विधान सभा चुनाव कई मायनों में एक अच्छा चुनाव रहा क्योंकि कांग्रेस की लोकतांत्रिक संस्थाओं में श्रद्धा बढ़ गई है, उन्हें अचानक से सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और ईवीएम अच्छा लगने लगा है, उन्हें आधीअधूरी जीत भी अच्छी लगने लगी, हम इस अच्छाई का स्वागत करते हैं।

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इसके साथसाथ हम यह भी चाहते हैं कि जब कांग्रेस चुनाव हारे, तब भी वह इन सारी चीजों को याद रखे, वह ईवीएम, चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को भी याद रखें, साथ ही आशा है कि अब वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जज के खिलाफ इम्पीचमेंट मोशन लेकर नहीं आयेंगे।

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कर्नाटक के जनादेश के खिलाफ जाकर कांग्रेस ने जनता दल (सेक्युलर) का समर्थन किया है और जनादेश के खिलाफ जाकर ही जेडी (एस) ने कांग्रेस से समर्थन लिया है, वास्तव में कर्नाटक के जनादेश को अपमानित करने वाली कांग्रेसजेडी (एस) गठबंधन एक अपवित्र गठबंधन है।

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कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार की नाकामी और मोदी सरकार द्वारा कर्नाटक के विकास के लिए किये जा रहे कार्यों के आधार पर हम श्री येदुरप्पा जी के नेतृत्व में कर्नाटक विधानसभा चुनाव लड़े और हमें इस बात का आनंद है कि कर्नाटक की जनता ने हमें जनादेश दिया है।

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कई लोग दुष्प्रचार कर रहे हैं कि पूर्ण बहुमत होने के बावजूद भाजपा ने सरकार बनाने का दावा क्यों किया? 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा करने का पहला अधिकार हमारा था। यदि हम सरकार बनाने का दावा नहीं करते तो यह कर्नाटक की जनता के मैंडेट के खिलाफ होता  ।

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जेडी (एस) का पूरा चुनाव प्रचार अभियान भी कांग्रेस और सिद्धारमैया सरकार की नाकामियों के खिलाफ था। जेडी (एस) ने जहांजहां भी चुनाव जीता है, एंटीकांग्रेस मैंडेट के बल पर ही जीता है। कांग्रेस को जो भी हरा सकता था, कर्नाटक की जनता ने उसे वहां से जिताया है ।

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कांग्रेस ने क्षेत्रवाद, भाषा, अलग झंडा, हिंदू धर्म में अलगाव, लिंगायत को अलग धर्म की मान्यता, SDPI जैसी घोर अराजक और देशद्रोही गतिविधियों में लिप्त पार्टी के साथ गठबंधन, भाजपा के खिलाफ दुष्प्रचार, धनबल और फर्जी आईकार्ड की फैक्ट्री की साजिश रचकर चुनाव जीतने का षड्यंत्र रचा था।

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इतना अनैतिक और अलोकतांत्रिक काम करने के बावजूद कांग्रेस 122 से घट कर 78 पर सिमट गई और तिस पर कांग्रेस कहती है कि हम चुनाव जीते।

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हम दोचार उपचुनाव क्या हारे, कांग्रेसी नेताओं की बांछें खिल गई। हम दोचार उपचुनाव हारे लेकिन कांग्रेस से हमने 14 राज्य छीने हैं, हमारी तो ईश्वर से यही प्रार्थना है कि कांग्रेस की जीत की यही व्याख्या बनी रहे और हम राज्यदरराज्य चुनाव जीतते रहें ।        

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली स्थित भाजपा के केन्द्रीय कार्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया और कांग्रेस-जेडी (एस) गठबंधन को अपवित्र गठबंधन करार देते हुए कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी की जीत तथा सरकार बनाने की प्रक्रिया पर भाजपा का दृष्टिकोण स्पष्ट किया।

 

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी की ओर से सबसे पहले कर्नाटक की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करना चाहता हूँ कि एक कठिन चुनावी समर में उन्होंने भाजपा को विजयी बनाया और भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी। उन्होंने कहा कि वोट प्रतिशत और सीटों की दृष्टि से भारतीय जनता पार्टी ने अपनी टैली को काफी इम्प्रूव किया है। उन्होंने कर्नाटक भाजपा के लाखों कार्यकर्ताओं का हृदय से धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव में घर-घर जाकर भारतीय जनता पार्टी के दृष्टिकोण को जनता तक पहुंचाने का काम बखूबी अंजाम दिया।

 

श्री शाह ने कहा कि चुनाव से पहले कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी की केवल 40 सीटें थीं, अब हम 104 सीटों के साथ कर्नाटक में सबसे बड़े दल के रूप में उभरे हैं, हमारे वोट प्रतिशत में भी बहुत बड़ी वृद्धि हुई है, प्रत्यक्ष रूप से जनादेश भाजपा को मिला है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक विधानसभा का पूरा चुनाव हमने कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार के 5 साल के भ्रष्टाचार, कुशासन, तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति, बदहाल क़ानूनव्यवस्था, महिलाओं और दलितों के खिलाफ उत्पीड़न, और किसानों की आत्महत्या के मुद्दे पर लड़ा था। उन्होंने कहा कि ये सारी चीजें एक विफल सरकार की परिचायक हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर सिद्धारमैया सरकार में आजादी के बाद सबसे अधिक दलित उत्पीड़न की घटनाएं होती हैं, महिलाओं के खिलाफ होने वाले उत्पीड़न में भी भारी वृद्धि होती है, 173% की दर से लगभग 3700 से अधिक किसान आत्महत्या को विवश होते हैं वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने कर्नाटक के विकास को गति देने के लिए आजादी के बाद सबसे अधिक आर्थिक सहायता मुहैया कराई गई और कई परियोजनाओं की शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार की नाकामी और मोदी सरकार द्वारा कर्नाटक के विकास के लिए किये जा रहे कार्यों के आधार पर हम श्री येदुरप्पा जी के नेतृत्व में कर्नाटक विधानसभा चुनाव लड़े और हमें इस बात का आनंद है कि कर्नाटक की जनता ने हमें जनादेश दिया है।

 

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कर्नाटक का जनादेश कांग्रेस के विरुद्ध है और जनता दल सेक्युलर भी वहीं जीती जहां भाजपा संगठन परंपरागत रूप से कमजोर है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक विधानसभा के चुनाव परिणाम एंटीकांग्रेस मैंडेट है, इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया सरकार के आधे से अधिक मंत्री हार गए, मुख्यमंत्री खुद चुनाव हार गए और दूसरी सीट से वे बहुत ही कम मार्जिन से जीत पाएयह कांग्रेस के कुशासन के खिलाफ कर्नाटक का जनादेश था।

श्री शाह ने कहा कि कई लोग ऐसा दुष्प्रचार कर रहे हैं कि पूर्ण बहुमत होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बनाने का दावा क्यों किया? उन्होंने कहा कि पूर्ण बहुमत किसी के पास नहीं था तो क्या फिर से चुनाव कराये जाते? उन्होंने कहा कि 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा करने का पहला अधिकार भारतीय जनता पार्टी का था। यदि हम सरकार बनाने का दावा नहीं करते तो यह कर्नाटक की जनता के मैंडेट के खिलाफ होता।

 

श्री शाह ने कहा कि जेडी (एस) का पूरा चुनाव प्रचार अभियान भी कांग्रेस और सिद्धारमैया सरकार की नाकामियों के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि जेडी (एस) ने जहां-जहां भी चुनाव जीता है, एंटी-कांग्रेस मैंडेट के बल पर ही जीता है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के विधान सभा चुनाव परिणाम से स्पष्ट है कि जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जो भी हरा सकता था, कर्नाटक की जनता ने उसे वहां से जिताया है। उन्होंने कहा कि हम मैजिक फिगर से सिर्फ 7 सीटें पीछे रह गए, हम 13 सीटें नोटा (NOTA) से भी कम मार्जिन से हारे, ऐसी 6 सीटें तो केवल बेंगलुरु में ही थी।

 

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आज जब कांग्रेस और जेडी (एस) सरकार बनाने की कवायद कर रही है तो आखिर वे किस बात का जश्न मना रहे हैं? उन्होंने कहा कि कांग्रेसजेडी (एस) सरकार बनने से कर्नाटक की जनता जश्न नहीं मना रही है, जश्न केवल कांग्रेस और जेडी (एस) मना रही है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि आखिर कांग्रेस किस बात का जश्न मना रही है – 122 से 78 सीटों पर सिमट कर रह जाने का जश्न मना रही है, मुख्यमंत्री की हार का जश्न मना रही है, आधे से ज्यादा मंत्रियों की हार का जश्न मना रही है यापीपीपीअर्थात पंजाब, पुदुच्चेरी और परिवार तक सिमट रह जाने का जश्न मना रही है? उन्होंने कहा कि जेडी (एस) को भी स्पष्ट करना चाहिए कि वह महज 37 सीटें जीतने का जश्न मना रही है या 80% सीटों पर अपनी जमानत जब्त हो जाने का जश्न मना रही है?

 

श्री शाह ने कहा कि चुनाव से कुछ समय पहले ही कांग्रेस को पता चल गया था कि वह कर्नाटक में चुनाव हार रही है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने लोकतंत्र की सभी मर्यादाओं को तारतार करते हुए किसी भी तरह चुनाव जीतने का प्रपंच रचा था लेकिन कांग्रेस इसके बावजूद इसमें सफल नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने क्षेत्रवाद, भाषा, अलग झंडा, हिंदू धर्म में अलगाव, लिंगायत को अलग धर्म की मान्यता, SDPI जैसी घोर अराजक और देशद्रोही गतिविधियों में लिप्त पार्टी के साथ गठबंधन, भाजपा के खिलाफ दुष्प्रचार, धनबल और फेक आईडी कार्ड की साजिश रचकर चुनाव जीतने का षड्यंत्र रचा था। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने झूठा प्रचार किया कि केंद्र सरकार ने एससी/एसटी एक्ट को ख़त्म कर दिया है जबकि यह कोई सोच भी नहीं सकता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के चुनाव क्षेत्र में छापे में 10 विधानसभा में चुनाव करवाने लायक धन बरामद किया गया और इसके लिए उनके एक मंत्री पर केस भी दायर हुआ। उन्होंने कहा कि एक चुनाव क्षेत्र में एक घर से फर्जी आईडी कार्ड बनाने की फैक्ट्री बरामद हुईहजारों फेक आईडी कार्ड, प्रिंटर, फर्जी मतदाता रजिस्टर भी बरामद हुए और उनके विधायक एवं काउंसिलर पर केस भी फ़ाइल हुई। उन्होंने कहा कि आज ही मीडिया में खबर आई है कि कचरे के ढेर से VVPAT मशीनें बरामद हुई है। उन्होंने कहा कि इतना अलोकतांत्रिक काम करने के बावजूद कांग्रेस 122 से घट कर 78 पर सिमट गई और तिस पर कांग्रेस कहती है कि हम चुनाव जीते।

 

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने हार को भी जीत के रूप में बताने का एक नया तरीका निकाला है जो किसी भी आंकड़े से मेल नहीं खाता। उन्होंने कहा कि हम दोचार उपचुनाव क्या हारे, कांग्रेसी नेताओं की बांछें खिल गई जबकि वे उपचुनाव भी नहीं जीत पाए। उन्होंने कहा कि हम दोचार उपचुनाव हारे लेकिन कांग्रेस से हमने 14 राज्य छीने हैं, हमारी तो ईश्वर से यही प्रार्थना है कि कांग्रेस की जीत की यही व्याख्या बनी रहे और हम राज्यदरराज्य चुनाव जीतते रहें।

 

श्री शाह ने कहा कि कर्नाटक के जनादेश के खिलाफ जाकर कांग्रेस ने जेडी (एस) का समर्थन किया है और जनादेश के खिलाफ जाकर ही जेडी (एस) ने कांग्रेस से समर्थन लिया है, वास्तव में कर्नाटक के जनादेश को अपमानित करने वाली कांग्रेसजेडी (एस) गठबंधन एक अपवित्र गठबंधन है। उन्होंने कहा कि जनता भलीभांति जानती है कि चुनाव प्रचार के दौरान कुमारस्वामी ने कांग्रेस के लिए कैसेकैसे बयान दिए थे और देवगौड़ा जी के लिए राहुल गांधी ने तथा राहुल गांधी ने देवगौड़ा जी के लिए क्याक्या कहा था।

 

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक में सरकार बनाने को लेकर केस चल रहा था तो कांग्रेस पार्टी ने अनैतिक तरीके से फर्जी ऑडियो टेप्स को मीडिया में रिलीज कर भारतीय जनता पार्टी को बदनाम करने और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को प्रभावित करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के नेताओं ने ही यह स्वीकार किया है कि भाजपा के खिलाफ कांग्रेस द्वारा जारी किये गये ऑडियो टेप्स फर्जी थे, जनता के सामने सच चुका है कि कांग्रेस किस स्तर तक गिर सकती है।

 

श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का विजय रथ घूमताघूमता दक्षिण में प्रवेश कर गया है। उन्होंने कहा कि जि प्रकार से समग्र देश की जनता ने मोदी सरकार की विकास यात्रा और सुशासन के प्रति जनादेश देते हुए भारतीय जनता पार्टी को अपना प्यार और समर्थन दिया है, उसी तरह से कर्नाटक की जनता ने भी भाजपा को अपना आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक विधान सभा चुनाव कई मायनों में एक अच्छा चुनाव रहा क्योंकि कांग्रेस की लोकतांत्रिक संस्थाओं में श्रद्धा बढ़ गई है, उन्हें अचानक से सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और ईवीएम अच्छा लगने लगा है, उन्हें आधीअधूरी जीत भी अच्छी लगने लगी, हम इस अच्छाई का स्वागत करते हैं। इसके साथसाथ हम यह भी चाहते हैं कि जब कांग्रेस चुनाव हारे, तब भी वह इन सारी चीजों को याद रखे, वह ईवीएम को भी याद रखे, चुनाव आयोग को भी याद रखे और सुप्रीम कोर्ट को भी याद रखें, साथ ही आशा है कि अब वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जज के खिलाफ इम्पीचमेंट मोशन लेकर नहीं आयेंगे।

 

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि निस्संदेह भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 2019 के लोक सभा चुनाव में 2014 से भी अधिक बहुमत के साथ जीतकर आयेगी और देश में विकास के एक नए युग की शुरुआत को आगे बढ़ायेगी।