माननीय नरेंद्र मोदी जी की विकास की सुनामी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यकुशलता के आगे अवसरवादी सपा बसपा गठजोड़ नहीं टिकेगा – डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय

– सपा के विकास की परिभाषा कुनवे के विकास तक सीमित

लखनऊ 04 मार्च 2018, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि समाजवादी पार्टी औैर बहुजन समाज पार्टी का गठजोड़ अवसरवाद, स्वार्थ और जनविरोध की रेत पर बना है जो प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी की विकास की सुनामी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यकुशलता के आगे कहीं नहीं टिकेगा। प्रदेश की जनता ने 15 वर्षों में सपा और बसपा के कुशासन को देखा और सहा है। जनाधार विहीन हो चुके इन दलों के अस्तित्व को जनता नकार चुकी है। भाजपा के विजय रथ पर इनके गठजोड़ का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र नाथ पांडेय ने सपा के उम्मीदवारों को बसपा के समर्थन की घोषणा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह चूके हुए दलों का गठबंधन है। यह भूल रहे हैं कि गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा की जिस सीट पर अपना समर्थन साझा कर रहे हैं वहां पर वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को मिले वोट सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों ही दलों के प्रत्याशियों को कुल वोट से एक लाख से भी अधिक थे।

श्री पांडेय ने कहा कि एक परिवार की पार्टी है जिसके विकास की परिभाषा अपने घर तक सिमट गई और जिनमें लूट कर अपना घर भरने की होड़ रही। दूसरे दल की पूरी राजनीति दलित वोटों की सौदेबाजी की रही। दलितों के नाम पर उनकी नेता लूट करती रहीं, टिकटों का क्रय-विक्रय करती रहीं लेकिन उस समाज के लिए कुछ नहीं किया। परिवारवादियों- भ्रष्टाचारियों के एक मंच पर आने से जनता के सामने इनकी सच्चाई और खुलकर सामने आ गई है इन दोनों दलों में पहले से ही अघोषित गठबंधन चला आ रहा है। दिल्ली में यह कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार को समर्थन देकर पहले से ही उनके भ्रष्टाचार का हिस्सा थे। वहीं, उत्तर प्रदेश में दोनों ही दल एक-दूसरे के भ्रष्टाचार का पोषण करते थे। यही कारण है कि एक-दूसरे के भ्रष्टाचार पर सवाल उठाने वाले इन दोनों दलों की जब भी सरकार बनी किसी ने भी एक-दूसरे के कार्यकाल की किसी भी भ्रष्टाचार की जांच नहीं कराई।

अब योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा सरकार प्रदेश को कुशासन व भ्रष्टाचार मुक्त कर विकास की राह पर आगे बढ़ रही है तो ‘चोर-चोर मौसेरे भाई‘ की तर्ज पर इनका एक मंच पर आना स्वाभाविक ही है।