योगी सरकार सपा, बसपा, कांग्रेस नहीं, जो अभियुक्तों को राजनीतिक संरक्षण दे- डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय
-प्रदेश की योगी सरकार ने किसी भी अपराधी को न तो कोई रियायत बरती है और न ही राजनीतिक संरक्षण दिया है। उसके लिए आम या खास सब बराबर हैं।
-सपा, बसपा, कांग्रेस को अपने शासनकाल में अपराधियों व अभियुक्तों को राजनैतिक संरक्षण देकर पीड़ित व पीड़िताओं के साथ अन्याय करने की घटनाओं को याद करना चाहिए।
-भाजपा सरकार का सख्त संदेश, रसूखदार हो या अन्य कोई, अपराध करेगा तो उसकी जगह केवल जेल होगी।

लखनऊ 13 अप्रैल 2018, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि प्रदेश में सरकार गठन के बाद से ही अपराध और अपराधियों पर निपट कर सुरक्षित प्रदेश बनाना भाजपा की प्रतिबद्धता रही है। प्रदेश की योगी सरकार ने किसी भी अपराधी को न तो कोई रियायत बरती है और न ही राजनीतिक संरक्षण दिया है। उसके लिए आम या खास सब बराबर हैं।

डॉ. पांडेय ने कहा कि उन्नाव की घटना जैसे ही संज्ञान में आई, योगी सरकार ने तत्परता दिखाते हुए अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) की अध्यक्षता में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की और मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर ही सीबीआई ने आरोपी विधायक को हिरासत में लिया और मामले में पॉस्को की धाराएं भी लगाई गई। माखी के थानेदार सहित छह पुलिस कर्मियों को निलंबित कर योगी सरकार ने सख्त संदेश दिया है कि जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अफसर व कर्मचारियों को भी भुगतना होगा।

डॉ. पांडेय ने कहा कि योगी सरकार पूर्ववर्ती सरकारों की तरह आम और खास लोगों में भेदभाव नहीं करती। पिछली सपा सरकार ने मंत्री गायत्री प्रजापति के विरुद्ध सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत करने वाली पीड़िता व उसकी बेटी का ही जीना मुहाल कर दिया था। जबकि उन्नाव की पीड़िता को योगी सरकार ने घटना के तुरन्त बाद एस.आई.टी. को जांच तथा परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई। अभियुक्त मंत्री प्रजापति को कानून को सौंपने के बजाय तत्कालीन सरकार के मुखिया अखिलेश यादव ने इस मामले में जांच तक नहीं होने दी थी। मंत्रिमंडल से निकालना तो दूर इतने गंभीर मामले के अभियुक्त को अखिलेश यादव अपने साथ लेकर घूमते रहे। शाहजहांपुर में पत्रकार को जलाकर मार डालने के आरोपी तत्कालीन सपा सरकार के मंत्री पारस नाथ यादव को शासन व मशीनरी का दुरुपयोग करते हुए क्लीनचिट देने वाली अखिलेश सरकार ही थी। मायावती के शासन में बांदा के बहुचर्चित नाबालिग से दुष्कर्म मामले के आरोपी बसपा के विधायक पुरुषोत्तम द्विवेद्वी पर सरकार की ऐसी मेहरबानी थी कि उच्चतम न्यायालय को दखल देकर मायावती सरकार को फटकार लगानी पड़ी और न्यायालय को सीबीआई जांच का आदेश देना पड़ा था।

उन्होंने कहा कि भंवरी देवी हत्याकांड के अभियुक्त कांग्रेस के नेता पारस राम मदरेणा, युवती के साथ गलत काम करने के आरोपी एवं कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल के भांजे तरुण तेजपाल सहित दर्जनों मामलों में तत्कालीन कांग्रेस सरकारों द्वारा अभियुक्तों को बचाने की कोशिशों को पूरे देश ने देखा है। इन दलों के नेताओं को अपने शासनकाल में अपराधियों व अभियुक्तों को राजनैतिक संरक्षण देकर पीड़ित व पीड़िताओं के साथ अन्याय करने की घटनाओं को याद करना चाहिए। साथ ही योगी सरकार द्वारा किसी भी तरह का अपराध करने वाले और कितना भी रसूख रखने वाले अभियुक्तों को कानून के शिकंजे में जकडने की तत्पर कार्रवाई से सुनिश्चित हो जाना चाहिए कि भाजपा सरकार के दौरान अपराधी की जगह केवल जेल होगी। आदरणीय पीएम मोदी ने बेटियों को न्याय देने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए बेटियों की सुरक्षा की गांरटी को पुनः दोहराया है। हमारी सरकार के प्रेरणा श्रोत आदरणीय मोदी जी के दिशा र्निदेश है जिस पर हम सब कार्य करते है।