सपा-बसपा के विकास विरोधी ऐजेण्डे से पूर्वांचल विकास की धारा से नहीं जुड़ सका – डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आजमगढ़, वाराणसी व मिर्जापुर के प्रस्तावित कार्यक्रमों को लेकर तैयारियों भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयारियों का जायजा लिया

लखनऊ 11 जुलाई 2018, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने आज कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव पूर्व पार्टी द्वारा जारी किये गए संकल्प पत्र में जनता से किये वादों को पूरा करने के लिए लगातार योजनाएं बनाकर उन्हें क्रियान्वित करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा योगी सरकार द्वारा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण के फैसले से पूर्वाचल के विकास के नए द्वार खुलेगें। अनेक विकसित राज्यों की तरह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण पूर्वांचल में विकास के लिए नीव का पत्थर साबित होगा। 14 जुलाई को माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण की आधारशिला पूरे पूर्वांचल के नवनिर्माण की आधारशिला साबित होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रदेश अध्यक्ष डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने आज आजमगढ़, वाराणसी व मिर्जापुर में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रमों को लेकर चल रही तैयारियों की समीक्षा व पार्टी पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठके की। डॉ० पाण्डेय ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे होगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य के पूरा होते ही पूरा इलाका विकास के पथ पर अग्रसर होकर मुख्यधारा में जुड़ जायेगा।

उन्होंने कहा कि सपा-बसपा के सरकारों ने पूर्वांचल की जनता को जाति, धर्म, मजहब के नाम पर बांटकर झूठे प्रलोभन दिए और उन्हें हमेशा वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। जबकि केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने के बाद से पूरे पूर्वांचल के विकास के लिए योजनाओं को बनाया गया, किन्तु राज्य की पूर्ववर्ती सपा सरकार के विकास विरोधी ऐजेण्डे के कारण पूर्वांचल की जनता विकास की धारा से नहीं जुड़ सकी। अब केन्द्र व प्रदेश की मोदी-योगी की सरकार पूर्वांचल की जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाकर उन्हें तेजी से लागू करने में जुटी हुई है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण से पूरे इलाके में उद्योग धंधे का बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय नवयुवकों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। गांव, गरीब और किसान की खुशहाली का मार्ग प्रशस्त होगा।