भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे से बने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को समाजवादी पार्टी के मुखिया श्री अखिलेश यादव अपनी जागीर समझ बैठे हैं। ऐसा इसलिए कि इसी एक्सप्रेस-वे के जरिए श्री यादव ने अपनी सरकार के दौरान जमकर भ्रष्टाचार किया। अपने चहेतों को न केवल जमीनें बांटी बल्कि ऊंची दर पर इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर जमकर भ्रष्टाचार किया।

प्रदेश पार्टी मुख्यालय पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश प्रवक्ता डॉ० चन्द्रमोहन ने कहा कि अब जांच में यह बात सामने आ रही है। श्री अखिलेश यादव के चहेते आइएएस अफसर जुहेर बिन सगीर ने आगरा में डीएम रहते हुए जिस तरह आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन के अधिग्रहण से पहले अपने संबधियों को जमीन खरीदवाई और उसके बाद उसी जमीन का अधिग्रहण किया, यह बगैर श्री अखिलेश यादव की सहमति के बिना नहीं हुआ होगा। जांच में यह जरूर सामने आएगा कि आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों की जमीन को कौड़ियों के दाम खरीदकर सपा नेताओं और उनके परिजनों ने उसी जमीन को दोबारा महंगे दामों पर सरकार को बेच दिया।

प्रदेश प्रवक्ता डॉ० चन्द्रमोहन ने कहा कि आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे भ्रष्टाचार का अखिलेश यादव मॉडल है। इसी भ्रष्टाचार से लोगों का ध्यान हटाने के लिए श्री अखिलेश यादव और उनके चहेते नेता हर वक्त आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस पर ही मंडराया करते हैँ और उसी फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। ऐसा इसलिए कि इन लोगों को मालूम था कि एक न एक दिन आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के भ्रष्टाचार की पोल खुलेगी और इसके बाद वह इस पर सरकार को राजनीति करने का झूठा आरोप लगा देंगे।

प्रदेश प्रवक्ता डॉ० चन्द्रमोहन ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार 350 किलोमीटर लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे 12000 करोड़ रुपए में बनाने जा रही है, जबकि श्री अखिलेश यादव की सरकार ने 302 किलोमीटर लंबा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे 15 हजार करोड़ से अधिक की लागत से भी अधूरा ही तैयार कराया गया था। इस एक्सप्रेस-वे के लिए न केवल जमीन अधिक दाम पर खरीदी गई बल्कि श्री अखिलेश यादव के चहेतों को अलग-अलग ठेके भी दिए गए जिससे सड़क की गुणवत्ता खराब हुई। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का मंत्र लेकर चल रही भाजपा सरकार जनता के पैसे की लूट करने वालों पर सख्त कार्रवाई करेगी। यही वजह है कि खुद को फंसता देख विपक्षी नेता इन दिनों बौखलाए हुए हैं और भाजपा सरकार के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।