भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सपनों की राह पर चलते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के साथ ही साथ वाराणसी के सुंदरीकरण और काशी के विकास के लिए उत्तर प्रदेश की श्री योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने कैबिनेट में श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के गठन का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस फैसले का काफी दिनों से इंतजार था पर पूर्व की मायावती जी और अखिलेश जी की सरकारें तुष्टीकरण की नीति के चलते काशी, मथुरा और अयोध्या की हमेशा उपेक्षा करती रहीं। जानबूझ कर काशी, मथुरा और अयोध्या को विकास से अछूता रखा गया। परन्तु योगी आदित्यनाथ जी की सरकार इन तीनों धार्मिक पर्यटन स्थलों का विकास करने में दिन रात जुटी हुई है। इससे न सिर्फ उत्तर प्रदेश में पर्यटन का विकास होगा बल्कि देश और दुनिया भर आने वाले तीर्थयात्रियों को भी और बेहतर सुविधाएं भी मिल सकेगी। काशी के लिए स्पेशल पैकेज के साथ ही काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के गठन के लिए मुख्यमंत्री जी के साथ ही साथ पूरी कैबिनेट साधुवाद की पात्र है।

शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि इसके साथ ही साथ मुख्यमंत्री जी ने अयोध्या में नए बस स्टैंड के निर्माण के लिए भी प्रस्ताव पारित कर अयोध्या के विकास के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि जिस दिन से श्री योगी आदित्यनाथ जी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है उसी दिन से वे पूरे प्रदेश के साथ ही साथ खासतौर पर काशी, मथुरा और अयोध्या के विकास के लिए भी कृतसंकल्पित दिख रहे हैं। उनकी अगुवाई में अयोध्या में ऐतिहासिक दीपावली मनाई गई। तो वहीं मथुरा में भी पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने पहुंच कर होली को ऐतिहासिक बनाया। अब इसी कड़ी में काशी विश्वनाथ मंदिर और वाराणसी के विकास के लिए भी श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद का गठन कर दिया गया है। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के आसपास की संपत्तियों को खरीदने के साथ ही इस पूरे क्षेत्र के विस्तृत सुंदरीकरण का काम शुरू कर दिया गया है।

शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि इससे पूर्व प्रधामनंत्री जी की अगुवाई में केंद्र सरकार पहले ही अयोध्या के विकास के लिए 133.30 करोड़ दे चुकी है। इतना ही नहीं काशी के विकास की भी समीक्षा खुद प्रधानमंत्री जी ही कर रहे हैं। यही वजह है कि पिछले चार सालों के दौरान काशी अभूतपूर्व विकास की राह पर है। पहली बार काशी में ऐतिहासिक विकास होता हुआ दिख रहा है। अब श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास की 166 ऐसी जमीनों और भवनों को भी चिन्हित किया गया है जिनको खरीद कर मंदिर का व्यापक विस्तार किया जा सकता है। इसके लिए 150 करोड़ रूपए की धनराशि जारी कर दी गई है और सुंदरीकरण व विकास के अभियान में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।