भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा है कि पिछले लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों में हुई करारी हार के चलते श्री अखिलेश यादव बुरी तरह हताश हो चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी के बढ़ते हुए जनाधार से डरे हुए हैं। यही वजह है कि वे गठबंधन के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार बैठे हैं। उन्हें ना तो खुद के नेतृत्व पर भरोसा बचा है ना ही कार्यकर्ताओं के समर्पण पर। और इसीलिए वे रोज रोज गठबंधन का राग अलाप रहे हैं, ये बात अलग है कि गठबंधन के लिए वो जिन दलों से उम्मीद लगाए बैठे हैं वे दल ना तो उन्हे गंभीरता से ले रहे है ना ही उन दलों की तरफ से उन्हें कोई तवज्जो मिल रही है। ऐसे में अखिलेश जी की हालत मान ना मान, मैं तेरा मेहमान जैसी हो चुकी है। समाजवादी पार्टी पिछलग्गू पार्टी साबित हो रही है और कोई भी उसके साथ गठबंधन को तैयार नहीं दिख रहा।

शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा है कि भाजपा के खिलाफ गठबंधन तैयार करने को बेकरार दिख रहे अखिलेश यादव खुद अपनी पार्टी तक को नहीं संभाल पा रहे हैं। उनकी पार्टी टूट चुकी है, कार्यकर्ता पार्टी छोड़ कर जा रहे हैं। उनके परिवार में भी दरार गहरा चुकी है। ऐसे में जिन दलों से अखिलेश जी गठबंधन की उम्मीद तलाश रहे हैं उन दलों की तरफ से भी उन्हे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। बाकी दलों को भी समझ आ चुका है कि समाजवादी पार्टी से गठबंधन कर उनका भी वही हाल होने वाला है जैसा पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का हुआ था।

प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की अगुवाई में प्रदेश में जिस तरह डबल इंजन की सरकार काम कर रही है उसी का नतीजा है कि प्रदेश विकास की राह पर तेजी से आगे बढ चला है। प्रधानमंत्री जी ने कल और आज के अपने काशी दौरे में भी ऐतिहासिक योजनाओं का ऐलान किया है। तेजी से पूरी हो रही विकास योजनाओं से समूचा विपक्ष हताश है। बीते लोकसभा चुनाव और पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी की बुरी गत देख चुके श्री अखिलेश यादव जी तो इस कदर घबराए हुए हैं कि रोज रोज गठबंधन का राग अलाप रहे हैं। वे किसी भी कीमत पर गठबंधन के लिए बेचैन हैं। अखिलेश जी की बेचैनी इस बात का सबूत है कि उन्होंने जनाधार तो गंवाया ही है, आत्मविश्वास भी खो दिया है।