भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा है कि डिंफेस कॉरिडोर को लेकर केंद्र सरकार से हुआ करार उत्तर प्रदेश में विकास और उपलब्धियों की नई गाथा लिखेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की कोशिशों से हुए करार में डिंफेस कारिडोर के लिए बुंदेलखंड को केंद्र बनाया जाएगा और कानपुर समेत प्रदेश के सात जिलों में डिफेंस पार्क बनाए जाएंगे। इन डिफेंस पार्कों में आर्डिनेंस फैक्ट्रियां स्थापित की जाएंगी और यहां देश के लिए स्वदेशी रक्षा उत्पाद तैयार होगें। योजना के मुताबिक यहां एयरक्राफ्ट से लेकर ड्रोन तक तैयार किए जाएंगे। डिफेंस कॉरिडोर से न सिर्फ बड़े स्तर पर निवेश होगा बल्कि प्रदेश के विकास के लिहाज से भी ये एक मील का पत्थर साबित होगा। डिंफेंस पार्क में सरकार निजी क्षेत्र से निवेश करने के लिए उद्यमियों को तमाम सुविधाएं देगी।

शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का लक्ष्य है कि रक्षा उत्पादों को लेकर अभी तक जो विदेशी निर्भरता रही है उसे खत्म किया जाए। इन्वेस्टर समिट में प्रधामनंत्री जी ने इसकी जानकारी भी दी थी और अब हाल ही में हुए करार के बाद इसकी शुरूआत उत्तर प्रदेश से होने जा रही है। सेना के लिए जरूरी रक्षा उत्पादों में से तीस फीसदी रक्षा उत्पाद अब देश में ही बनाए जाएंगे और इसका बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश को मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने डिफेंस कारिडोर के लिए सात जिलों को चुन लिया है और यहां की तीन हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन चिन्हित कर दी है। डिफेंस कारिडोर की पहली बैठक झांसी में होगी। इन जमीनों पर रक्षा उत्पाद तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर आर्डिनेंस फैक्ट्रियां स्थापित की जाएंगी।

शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि जिन छह जिलों को डिफेंस कारिडोर के लिए चिन्हित किया गया है उनमें झांसी के अलावा चित्रकूट, कानपुर, लखनऊ, आगरा और अलीगढ को शामिल किया गया है। प्रदेश सरकार इसी दिशा में इन शहरों को हवाई मार्ग से भी जोड़ने जा रही है। सरकार की कोशिश है कि डिफेंस कारिडोर के लिए निवेश करने वाले उद्योगपतियों को बेहतर माहौल दिया जा सके। यही नहीं इन इलाकों को रेल मार्ग से भी जोड़ा जा रहा है ताकी उद्यमी अपने उत्पाद को 24 घंटे के भीतर कहीं भी पहुंचा सकें। शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि उद्यमियों की तकनीकी मदद के लिए सरकार उद्योगपतियों को कानपुर आईआईटी के विशेषज्ञों के साथ ही साथ आईआईटी की प्रतिभाओं का सहयोग भी दिलाएगी। साथ ही इन उद्योगों के लिए प्रशिक्षित नौजवान प्रदेश के आईआईटी और पालीटेक्निक संस्थानों में तैयार किए जाएंगे।

प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि डिफेंस काॅरिडोर से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। खास तौर पर बुंदेलखंड से नौजवानों का पलायन रूकेगा। यहां का पिछड़ापन और आर्थिक परेशानी भी दूर होगी। इस कारिडोर से छोटे उद्योगों को बड़े अवसर भी पैदा होंगे।