भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि अपनी मेहनत और कर्मठता से प्रदेश के विकास में बड़ा योगदान देने वाले उत्तर प्रदेश में रहने वाले श्रमिकों के बच्चों की पढाई अब पैसों की कमी के चलते नहीं रूकेगी। प्रदेश सरकार ऐसी योजना बना रही है कि जल्द ही पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढाई का पूरा खर्चा सरकार उठाएगी। इसका लाभ गरीब श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को मिलेगा। अभी तक सरकार प्राइमरी, जूनियर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कालेजों में पढने वाले श्रमिकों के बच्चों को आर्थिक मदद दे रही थी। इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढाई का पूरा पैसा मिलने से श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को बड़े मौके मिलेंगे और उनको प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।

शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि प्रधामनमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी श्रमिकों की बेहतरी और उनके कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। हाल ही में गरीब परिवारों के लिए दस करोड़ परिवारों का पांच लाख रूपए तक का स्वास्थ्य बीमा इसी दिशा में बड़ा कदम है। इससे पूर्व श्रमिक और गरीब परिवारों के लिए ही जनधन खाते खोलने का अभियान चलाया, जिसका सीधा लाभ करोड़ों ऐसे श्रमिकों को हुआ जिनके पास बैंक खाते नहीं थे। इसके अलावा 12 रूपए के सालाना जीवन प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का भी फायदा सीधे गरीब श्रमिक परिवारों को हुआ है। गरीब श्रमिक परिवारों की मदद के लिए ही प्रधाममंत्री जी ने उज्जवला गैस योजना का अभियान चलाया था और इसके चलते तमाम माताओं-बहनों को फ्री में गैस कनेक्शन और चूल्हे दिए गए।

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्राइमरी स्कूलों में पढने वाले श्रमिक परिवारों के बच्चों को सौ रूपए और जूनियर हाई स्कूल में पढने वाले बच्चों को डेढ सौ रूपए प्रति महीने की आर्थिक मदद देती है। इसी तरह हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में पढने वाले श्रमिक परिवारों के बच्चों को भी प्रति महीने दौ सौ रूपए से लेकर पांच सौ रूपए तक की मदद हर महीने दी जा रही है। इसी तरह श्रमिक परिवारों के बच्चों के जन्म पर भी 12 हजार रुपए और 15 हजार रूपए की आर्थिक मदद दी जा रही है। जबकि बेटी की शादी के लिए 65 हजार रूपए मुहैया कराए जा रहे हैं।

प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसी दुर्घटना में श्रमिक परिवारों को दो लाख से पांच लाख रूपए तक की आर्थिक मदद उपलब्ध करा रही है। श्रमिक परिवारों के लिए चल रही इन तमाम ऐतिहासिक योजनाओं से आगे बढकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ऐसी योजना बना रही है कि इन परिवारों के मेधावी बच्चों की मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढाई के लिए पूरी मदद श्रम विभाग की तरफ से कराई जाए। अभी तक श्रम विभाग इन बच्चों को छात्रवृत्ति के जरिए मदद पहुंचा रहा है।