उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि वर्ष 2019 में आयोजित होने वाला प्रयाग अर्द्धकुम्भ प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के सम्मान से जुड़ा है। इसलिए मेला परिसर में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। इलाहाबाद में आयोजित होने वाले अर्द्धकुम्भ को भारतीय संस्कृति की एक विशिष्ट पहचान बताते हुए उन्होंने कहा कि इस मेले के माध्यम से भारतीय परम्परा को विश्व पटल पर रखने का एक अवसर प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री जी आज यहां शास्त्री भवन में अर्द्धकुम्भ-2019 के ‘लोगो’ व तैयारियों के सम्बन्ध में विचार-विमर्श कर रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कुम्भ का आयोजन इस प्रकार से किया जाए कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पर्यटन व अर्द्धकुम्भ-2019 के ‘लोगो’ की थीम इस प्रकार से तैयार की जाए, जिसमें प्रदेश की संस्कृति, धर्म और इतिहास का समन्वय दिखायी दे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ पुरातात्विक व वन्य जीव अभ्यारण्य स्थलों को भी थीम का हिस्सा बनाया जाए।
योगी जी ने कहा कि मेले में स्वच्छता व सुरक्षा जैसे इंतजामों को लेकर राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। कुम्भ की ऐतिहासिकता आदिकाल से ही रही है। उन्होंने इलाहाबाद के मण्डलायुक्त को निर्देशित किया कि मेले से जुड़े सभी कच्चे-पक्के निर्माण कार्य अक्टूबर, 2018 तक पूर्ण करा लिए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़कों का समुचित चैड़ीकरण कराया जाए और नई सड़कों का गुणवत्तापरक निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए बस व ई-रिक्शॅा की व्यवस्था भी की जाए।

योगी जी ने कहा कि अर्द्धकुम्भ मेला एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जिसमें देश से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लोग इस धर्म नगरी में आते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इलाहाबाद को बड़े शहरों से एयरकनेक्टिविटी हेतु समुचित कार्यवाही की जाए। उन्होंने इलाहाबाद मण्डलायुक्त को अर्द्धकुम्भ में जनता के सुगम आवागमन के लिए रेलवे से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाराणसी से इलाहाबाद तक आवागमन हेतु श्रद्धालुओं के लिए जल परिवहन की व्यवस्था भी की जाएगी।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव पर्यटन श्री अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव नगर विकास श्री मनोज सिंह एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।