उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा एवं मोहर्रम  जैसे त्योहारों को देखते हुए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त प्रबन्ध सुनिश्चित कर लिए जाएं। थाना व जनपद स्तर पर पीस कमेटी की बैठक 21 सितम्बर, 2017 तक हर हाल में आयोजित कर ली जाएं। उन्होंने हर स्तर पर सुरक्षा प्रबन्ध चाक-चैबन्द रखने तथा असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगाह रखने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री जी ने यह निर्देश आज यहां शास्त्री भवन में नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा एवं मोहर्रम में सुरक्षा व्यवस्था सम्बन्धी बैठक और वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान अधिकारियों को दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि पूजा-पण्डालों, रामलीला मंचन के स्थानों तथा मोहर्रम से सम्बन्धित ताजियों के स्थानों के आस-पास साफ-सफाई और सुरक्षा के विशेष प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी पर्वों और त्योहारों को शान्ति के साथ मनाए जाने की परम्परा में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जूलूस के मार्गों पर भी सुरक्षा प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं। प्रत्येक पूजा व ताजिया जूलूस के आयोजकों से बातचीत कर उन्हीं के मध्य 05-05 लोगों की टीम गठित की जाए, ताकि वे स्वयं आयोजन के सुचारू प्रबन्धन और सुरक्षा सम्बन्धी मामलों में सतर्क रहें। इस टीम से समन्वय स्थापित कर जिला व पुलिस प्रशासन सुरक्षा प्रबन्धों के सम्बन्ध में कार्यवाही करे।

योगी जी ने कहा कि इन त्योहारों की सुदृढ़ व्यवस्था के सम्बन्ध में पुलिस महानिदेशक द्वारा सभी जनपदीय पुलिस अधिकारियों एवं अन्य सम्बन्धित उच्चाधिकारियों को जो निर्देश पूर्व में भेजे गए हैं, उनका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इस वर्ष नवरात्रि का पर्व 21 सितम्बर, 2017 से प्रारम्भ हो रहा है और इसी दौरान मोहर्रम भी है। उन्होंने कहा कि इन पर्वों और त्योहारों के दौरान किसी भी नई परम्परा को न शुरू किया जाए। डी0जे0 बजाए जाने को हर हाल में प्रतिबन्धित किया जाए। जूलूस के दौरान और पूजा-पण्डालों में लाउड स्पीकर का प्रयोग निर्धारित मानकों के अनुसार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह ध्यान रखा जाए कि दुर्गा प्रतिमाओं या ताजियों की ऊँचाई इतनी अधिक न हो कि उसकी वजह से किसी निर्माण को तोड़ना पड़े या पेड़ को काटना पड़े।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ताजियों और दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का मार्ग काॅमन होने पर पहले से बातचीत कर समय का प्रबन्धन किया जाए, जिससे किसी भी प्रकार के विवाद और बाधा को अवसर न मिले। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा, रामलीला मेले और जूलूस के अवसर पर असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाते हुए महिलाओं से छेड़छाड़ व अन्य आपराधिक घटनाओं को रोका जाए। थानों के त्योहार रजिस्टरों का सभी अधिकारियों द्वारा अध्ययन कर लिया जाए तथा अपेक्षित पुलिस व सुरक्षा प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के दृष्टिगत दुर्गा प्रतिमाओं को नदियों के स्थान पर कुण्ड या नदी तट पर विसर्जित किए जाने की व्यवस्थाएं की जाएं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि असामाजिक व अवांछनीय तत्वों के विरुद्ध कड़ी निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। छोटी से छोटी घटनाओं को गम्भीरता से लेते हुए तत्काल घटना स्थल का निरीक्षण हो तथा विवाद को हल करने के लिए कड़े और प्रभावी उपाय सुनिश्चित किए जाएं। रामलीला के स्थानों, दुर्गा प्रतिमाओं के स्थापना स्थलों, प्रतिमा विसर्जन के स्थानों तथा जूलूसों आदि के मार्गों को पहले से ही चिन्ह्ति करते हुए सुरक्षा सम्बन्धी कार्यवाही समय रहते कर ली जाए। शान्ति समितियों की बैठक कर सम्भ्रान्त नागरिकों व शान्ति समितियों के सदस्यों का सक्रिय सहयोग प्राप्त किया जाए।

योगी जी ने कहा कि नदियों के घाटों, सरोवरों आदि पर जल पुलिस, बाढ़ राहत पुलिस के साथ होमगाड्र्स, सिविल डिफेन्स के पदाधिकारियों व सदस्यों की सेवाएं प्राप्त की जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि संचार, अग्निशमन, चिकित्सीय व्यवस्थाओं के साथ-साथ बचाव एवं राहत टीम भी सुनिश्चित की जाएं। अभिसूचना इकाइयों के अधिकारियों, कर्मचारियों को सतर्क करते हुए पर्याप्त फीडबैक लिया जाए। जूलूसों से सम्बन्धित सभी पहलुओं पर पूर्व में ही अभिसूचना एकत्रित कर ली जाए एवं अभिसूचना के आधार पर सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जूलूस के मार्ग में स्थित अवरोधों को पहले से ही दूर करने की कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए नगर पालिका, विद्युत विभाग, डाक व तार विभाग तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर लिया जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आयोजकों की ओर से जूलूस का संचालन हेतु नियुक्त कराए गए स्वयं सेवियों से निरन्तर संवाद और समन्वय रखा जाए। जूलूस से सम्बन्धित समस्याओं का निराकरण पूर्व में ही कर लिया जाए। पेशेवर अपराधियों और माफियाओं के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जूलूसों के मार्ग में पड़ने वाले सभी धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त पुलिस व्यवस्था की जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विद्युत और अग्नि से सम्बन्धित दुर्घटनाएं न हों।

इस अवसर पर उन्होंने गोरखपुर, इलाहाबाद, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, आगरा, मेरठ तथा बरेली परिक्षेत्रों से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुरक्षा प्रबन्धों के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
बैठक में मुख्य सचिव श्री राजीव कुमार, प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिदेशक (इंटेलीजेन्स), ए0डी0जी0 कानून व्यवस्था सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।