उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से आज प्रान्तीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पी0सी0एस0 अधिकारी प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ हैं। कानून-व्यवस्था और विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में इन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अधिकारियों को व्यवस्था के प्रति जवाबदेह होने के साथ ही, गरीब, कमजोर तथा वंचित वर्ग के हितों के प्रति सचेत व संवेदनशील होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता से संवाद बनाकर उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान करें।
योगी जी ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ जनता तक पहुंचे इसके लिए जरूरी है कि अधिकारीगण तमाम विषयों और मुद्दों से भली-भांति परिचित हों। उन्हें अपने दायित्वों का भली प्रकार निर्वहन करने के लिए परिश्रमी और तेजी से फैसले लेने में भी सक्षम होना चाहिए। साथ ही, मामलों का निस्तारण पारदर्शी तथा समयबद्ध ढंग से किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने में भी अधिकारियों की प्रभावी भूमिका होती है। कभी-कभी एक छोटी से घटना भी बड़े विवाद के रूप में जन्म ले लेती है, जिसे प्रारम्भिक चरण में ही संवाद के माध्यम से ऐसे विवादों का निस्तारण कर लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और विविधतापूर्ण राज्य में अधिकारियों को अपनी क्षमता व दक्षता दिखाने का अवसर मिला है। बगैर किसी भेदभाव, दबाव व पक्षपात के जनसंवाद के आधार पर कार्य करके वे एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल हो सकेंगे। उन्होंने नव नियुक्त अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर राज्य प्रशासन एवं प्रबन्ध अकादमी के महानिदेशक श्री कुमार अरविन्द सिंह देव, अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक श्री दीपक त्रिवेदी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।