उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि स्वच्छता को अपनाकर ही स्वस्थ समाज व राष्ट्र की संकल्पना को साकार किया जा सकता है। उन्हांेने कहा कि स्वच्छता को अपनाना, उसे प्रोत्साहित करना और साफ-सफाई में सहयोग करना प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी है। ‘स्वच्छता ही सेवा है’ के विचार को जन-जन तक पहुंचाना हमारा एक नैतिक दायित्व है।
मुख्यमंत्री जी आज गांधी जयन्ती के अवसर पर यहां सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में स्वच्छता मैराथन को रवाना किए जाने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने पार्क में स्थापित सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का भारत निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। गांधी जी स्वच्छता को जीवन का महत्वपूर्ण अंग मानते थे। इसके दृष्टिगत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 02 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन का शुभारम्भ किया।
योगी जी ने कहा कि जिस प्रकार वर्ष 1942 में महात्मा गांधी ने एक सकल्प ‘अंग्रेजों, भारत छोड़ो’ का लिया था और उसकी सिद्धि सन् 1947 में आजादी के रूप में प्राप्त हुई। उसी तरह अब हमारा लक्ष्य है कि जब देश गांधी जी की 150वीं जयन्ती मना रहा होगा तब हम सम्पूर्ण भारत को स्वच्छ बनाने के अभियान को पूरा कर चुके हों। इसके लिए आवश्यक है कि स्वच्छता अभियान में सभी की सहभागिता सुनिश्चित हो। इसी के साथ हमारा यह भी संकल्प है कि जब वर्ष 2022 में देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा होगा तब हमें देश को भ्रष्टाचार, गरीबी, आतंकवाद, भाषावाद व नक्सलवाद मुक्त बनाना होगा।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री जी ने स्वच्छता मैराथन में प्रतिभाग करने वाले सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि हमें संकल्प लेना चाहिए कि मैं स्वयं स्वच्छता के प्रति सजग रहूंगा और दूसरों को भी सजग करूंगा। उन्होंने लोगों से आहवाहन किया कि प्रत्येक व्यक्ति को वर्ष में 100 घण्टे यानी सप्ताह में 02 घण्टे श्रमदान करना चाहिए। उन्होंने स्वच्छता मैराथन को रवाना भी किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री आशुतोष टण्डन, सांसद डाॅ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।