उत्तर प्रदेश के 1.78 लाख शिक्षामित्रों (Shiksha mitra) ने अब अपने भाग्य का फैसला योगी सरकार के पाले में  डाल दिया है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने तय किया है कि हम उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि वह नियम बनाकर शिक्षामित्रों को पूर्ण अध्यापक का दर्जा दिलाए. अपनी मांग को सरकार के सामने मजबूती से रखने के लिए समायोजित शिक्षामित्रों ने बुधवार से स्कूल नहीं जाने का फैसला लिया है. आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र शाही के हवाले से मीडिया में आई खबर के मुताबिक वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर करने का फैसला किया है.